Eid 2020: आजाद हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार हुआ ये

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नई दिल्ली (शौर्य यादव): 1 महीने के लंबे कड़े अनुशासन (Strict discipline) वाले रोजों के बाद आज मीठी ईद है। ये त्यौहार जरूरतमंदों की खिदमत करने और नेक राह पर चलने का पैगाम देता है। इस दौरान मोमिन जकात, फितरा दे सव़ाब कमाते हैं। नेकी और बंदगी की राह पर चलते हुए आखिरत सुधारते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस इंफेक्शन (Corona virus infection) के चलते ईद का जश्न काफी फीका है। बाजारों, गलियों, मस्जिदों और ईदगाह हर जगह से ईद की खुशियां नदारद है। संक्रमण के खतरे के चलते सभी एक दूसरे से गले मिलने और हाथ मिलाने से बच रहे हैं। वरना पहले त्यौहार के मौके पर उमंगों के साथ जिंदादिली भी हुआ करती थी। इस दौरान रोज़ेदारों को घरों में ही रहकर ईद की नमाज अता करने की नसीहत सरकार द्वारा जारी की गई है। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉक्टर मुफ्ती मुकर्रम अहमद (Shahi Imam of Fatehpuri Mosque Dr. Mufti Mukarram Ahmed) के मुताबिक ईद की नमाज अदा करने का वक्त सुबह 7 बजे से 11:15 के बीच तय किया गया है।

कई बुजुर्गवार मोमिनो के मुताबिक आजाद हिंदुस्तान के इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि, ईद की उमंगे फीकी है। जहां मुस्लिम भाई इंफेक्शन की बेबसी के चलते ना ही शाही ईदगाह में नमाज पढ़ पाएंगे, ना ही गले मिलने और हाथ मिलाने जैसी सुन्नत को पूरा कर पाएंगे। लॉकडाउन गाइडलाइंस और सोशल डिस्टेंसिंग (Lockdown Guidelines and Social Distancing) के चलते दिल्ली की जामा मस्जिद, शाही ईदगाह समेत देशभर में हर जगह सुनसानियत पसरी हुई है। कश्मीर में ये दूसरा मौका है, जब घाटी (Valley) के लोगों ने घरों में ही रहकर ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr) की नमाज अता की। पिछली ईद के मौके पर जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से धारा 370 हटने के बाद पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। इसकी वजह से ईद का त्यौहार फीका रहा। घाटी के ईदगाह मैदान और जामिया मस्जिद भी खाली दिखें। इस दौरान हथियारबंद सुरक्षा बल के जवान (Armed forces personnel) पेट्रोलिंग करते नजर आए।

नई दिल्ली के मोतिया खान स्थित शाही ईदगाह (Shahi idgah)के आसपास भी माहौल काफी वीराना दिखा। इंफेक्शन के चलते ये इलाका फिलहाल रेड जोन (Red zone) में है। इसलिए चारों तरफ से दिल्ली पुलिस ने शाही ईदगाह की घेराबंदी कर रखी थी। इस दौरान कुछ मुस्लिम युवा नमाज पढ़ने के मकसद से ईदगाह की ओर आते दिखें। लेकिन घेराबंदी देखकर उनके हाथ निराशा ही लगी। सुरक्षा और लॉकडाउन गाइडलाइंस का पालन करवाने के लिए मोतिया खान में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल, होमगार्ड्स के जवान और सिविल डिफेंस कोर्प्स के स्वयंसेवक (Civil Defense Corps Volunteers) कड़ी धूप के बीच मुस्तैदी के साथ तैनात दिखे।

इस दौरान शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कोरोना इंफेक्शन (Corona infection) से निजात पाने के लिए लोगों से दुआ मांगने की दरख्वास्त की। जश्न के माहौल के बीच सुन्नत को दरकिनार करते हुए पर्याप्त फिजिकल डिस्टेंसिग (Physical distanceing) बरतने की हिदायत भी दी।

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