खरपतवार किसानों के मददगार

खेती-किसानी करने में किसान भाइयों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे कई बाधायें ऐसी होती है।

नई दिल्ली (भगत सिंह सहरावत) : खेती-किसानी करने में किसान भाइयों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे कई बाधायें ऐसी होती है, जो रोजमर्रा की ज़िन्दगी में सहायक होती है। लेकिन वैज्ञानिक समझ (Scientific understanding) के अभाव में किसान भाई उसे बाधा ही मानते रहते है। जब वास्तविकता में वो अवसर होते है। किसान खरपतवार को खेती के लिए नुकसानदेह मानते हैं और इन्हें दूर करने के लिए बहुत से उपाय अपनाते हैं जिनसे खेती में होने वाला खर्च काफी बढ़ जाता है। हमारे देश में खरपतवार नाशक (Weed Pesticide) रासायनिक उत्पादों का कारोबार लगभग 3,000  करोड़ सालाना है, और जो हर साल 5 फीसदी की रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है। आज हम आपको जो जानकारी देने जा रहे। उससे आपका नज़रिया खरपतवार को लेकर बदल जायेगा।

क्या है खरपतवार ?

खरपतवार वह घास और पौधे है, जो बुवाई की हुई फसल के साथ-साथ मौसम मुताबिक कुदरती तौर से उग जाते है।

नुकसानदेह कैसे ?

खरपतवार फसल के उत्पादन (Crop production) को कम कर देते है। भूमि में डाली हुई खाद का पोषण (Fertilizer nutrition) लेकर खरपतवार फसल को बढ़ने से रोकते हैं, साथ ही फसल की कटाई के वक़्त रूकावट पैदा करते हैं साथ ही खरपतवार के बीज फसल से लिए हुए उत्पादन में मिल जाते हैं।

खरपतवार नफ़े का जरिया कैसे ?

फसल की बुवाई कतारों में करें फसल के साथ जो खरपतवार उपज रहे हैं उन्हें उपजने दें। जब वे काटने योग्य लंबे हो जाये उन्हें उस समय काटकर पशुओं को खिलाएं इससे पशुधन की खुराक पर होने वाला खर्चा कम हो जायेगा, साथ ही खरपतवारनाशकों की खरीद पर अतिरिक्त पैसे भी नहीं लगाने होगें। खरपतवार खेत में नमी को भी बनाए रखते है, सूर्य किरणों को भूमि की सतह तक सीधे पहुंचने नहीं देते, सिंचाई (Irrigation) के पानी की भी बचत होती है। जिससे किसानों को सीधा लाभ हासिल होगा।

खरपतवार को चारा कैसे बनाये ?

अगर किसान भाई अपने पशुधन को चरने के लिए खुला छोड़े तो, आप पायेगें कि दुधारू पशु (dairy cattle) भिन्न-भिन्न मात्रा में थोड़ी-थोड़ी घासफूस खाते है। ठीक इसी तरह मौसमी हालातों के मुताबिक जो भी खरपतवार खेतों में उगे उसे अन्य चारों (भूसा, बिनौला, चरी) के साथ मिलाकर 50:50 अनुपात में देना चाहिए। खरपतवार में बहुत से औषधीय गुण (Medicinal properties) पाए जाते हैं। इन खरपतवारों को खाकर पशुधन स्वस्थ होते हैं साथ ही उनके दूध और मांस में अधिक पौष्टिकता (Nutritiousness) आती है।

औषधीय गुणों की खान खरपतवार

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार प्रकृति में प्रत्येक वनस्पति अपने साथ औषधीय गुण लिये हुए होती है। इसी तरह खरपतवारों के असामान्य गुण स्वास्थ्य लाभ (health benefit) पहुँचाते है। बस जरूरत है इन गुणों को पहचानने की। सही तरीके से और सही मात्रा में इनका इस्तेमाल करके रोगों को दूर किया जा सकता है। इंसानों के साथ-साथ इनके औषधीय गुण पशुधन को भी स्वास्थ्य लाभ पहुँचाते है।

तो आइंदा जब आप खेतों में खरपतवारों को उगते देखे तो, आप अपना नज़रिया बदलकर हमारे मशवरे पर ध्यान दे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More