भारत में रहने वाले सभी धर्मों के लोग हिंदू, 40,000 हज़ार सालों से हमारा डीएनए एक: RSS प्रमुख मोहन भागवत

न्यूज डेस्क (शाश्वत अहीर): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने बीते मंगलवार (15 नवंबर 2022) को कहा कि भारत के सभी लोग हिंदू हैं और जो कोई भी भारत को अपनी मातृभूमि मानता है, वो हिंदू है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सुरजुगा के अंबिकापुर (Surjuga’s Ambikapur) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “भारत के सभी लोग हिंदू हैं। जो भी भारत को अपनी मातृभूमि मानता है, वो हिंदू है। चाहे वो किसी भी धर्म का हो, यही सच्चाई है और संघ इस सच को जोर से बोलता है, ऐसा इसलिये है क्योंकि हम सैकड़ों सालों से एक साथ हैं। संघ को समझने के लिये संघ से जुड़ना ही सर्वोत्तम उपाय है। शाखा में आकर ही संघ को जाना जा सकता है। संघ की शाखा में आने का कोई शुल्क नहीं है, मिठास तो चखकर ही जानी जा सकती है।”

उन्होनें आगे कहा कि- “अलग होने की बात चलती रहती है, लेकिन सबको एक रहना है। सबके अलग-अलग देवी-देवता हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो किसी भगवान को नहीं मानते। ऐसा सिर्फ भारत में ही हो सकता है। ये वेदों के बाद से ही चल रहा है, छोटे दिमाग वाले लोग आपस में झगड़ते हैं। भारत न एक पूजा है, न एक भाषा है, जातियाँ अनेक हैं, फिर भी भारत एक है। राजा बदलते रहे, लेकिन भारत वही रहा।”

उन्होंने आगे कहा कि, “संघ की तुलना नहीं की जा सकती, जैसे आकाश की तुलना नहीं की जा सकती है। संघ का मतलब पढ़ने-लिखने से भी नहीं लगाया जा सकता है। हम सभी के पूर्वज एक हैं। हम सभी का 40,000 सालों से एक ही डीएनए है। हर किसी को अपनी पूजा में दृढ़ रहना चाहिये। किसी की पूजा पद्धति को बदलने की कोशिश मत करो। संघ का कोई स्वार्थ नहीं है, संघ (Sangh) को लोकप्रियता की जरूरत नहीं है।”

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से रोड शो और जनसभा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत शामिल हुए। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और रायपुर (Raipur) दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agarwal) भी मौजूद थे।

Leave a comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More