दो गज़ की दूरी, BJP नेताओं के लिए नहीं है जरूरी

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न्यूज़ डेस्क (शौर्य यादव): बीजेपी लंबे समय से दावा करती रही है कि, उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी (Worker and Officer) दूसरे राजनैतिक दलों की तुलना में ज़्यादा अनुशासित और संयमित (Disciplined and restrained) रहते है।दिल्ली प्रदेश भाजपा (Delhi Pradesh BJP) नेताओं के नये कारनामे ने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के अनुशासन की कलई उधेड़ कर रख दी है। मौजूदा वक्त में कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय खासा सक्रिय हैं, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग (Real time monitoring of health systems) करने से लेकर इंफेक्शन रोकथाम की नीति बनाने और लागू करने में।

पीएम मोदी मन की बात कार्यक्रम सहित सभी डिजिटल कॉन्फ्रेसिंग (Digital conferencing) कार्यक्रमों में लोगों से कोरोना के प्रति सावधानी बरतने की सलाह देते आये है। इस बीच पीएम मोदी ने देश के सभी लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए दो गज़ की दूरी मंत्र दिया। देश का आम नागरिक काफी हद तक इस मंत्र का पालन भी कर रहा है, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा का रवैया पीएम मोदी अपील का मखौल उड़ाता दिख रहा है।

हाल ही में पूर्वी दिल्ली (East delhi) में इसकी झलक देखने को मिली। लक्ष्मी नगर इलाके में भाजपा विधायक अभय वर्मा (MLA Abhay Verma) के विधानसभा कार्यालय का भूमि पूजन कार्यालय आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शिरकत की। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर विजेन्दर गुप्ता, ओपी शर्मा, अनिल वाजपेयी, भाजपा निगम पार्षद संतोष पाल, हिमांशी पांडे नीतू त्रिपाठी भी नज़र आये। कार्यक्रम की तस्वीरों से साफ है कि, ये सभी भाजपा नेता सोशल डिस्टेसिंग के सरेआम धज़्जियां उड़ाते नज़र आये। कुछेक भाजपा पदाधिकारियों ने तो फेसमास्क भी नहीं पहन रखा था।

सबसे बड़ी और अहम बात ये भी है कि, अनलॉक-2 (Unlock-2.0) के नियमों के मुताबिक फिलहाल किसी भी तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Complete ban on social and cultural events) लगा हुआ है। विवाह और मृत्यु संस्कार जैसे कार्यक्रमों में लोगों को सीमित संख्या में ही एकत्र होने की प्रशासनिक अनुमति है। ऐसे में भूमि-पूजन कार्यक्रम का आयोजन और उसमें इतनी संख्या में लोगों का जुटना कहीं ना कहीं प्रशासन की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। इस दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन कहां थे? कार्यक्रम करने के लिए किसकी मंजूरी ली गयी थी? फिलहाल दिल्ली प्रदेश भाजपा मामले पर चुप्पी साधे हुए है।

अब इसे दिल्ली प्रदेश भाजपा की अनुशासनहीनता कहे या लापरवाही (Indiscipline or Carelessness)। लेकिन दिल्ली भाजपा की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने साबित कर दिया है कि, पार्टी लाइन से भटकाव, आलाकमान के आदेश और पीएम मोदी की अपील को नकाराकर इंफेक्शन के माहौल में सामाजिक आयोजन (Social event) किया जा सकता है। अब देखना ये दिलचस्प रहेगा कि, पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व और आंतरिक अनुशासन समिति (Central Leadership and Internal Discipline Committee) मामले पर किस तरह की अनुशासनिक कार्रवाई करता है? कार्रवाई से ही साबित होगा कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व पार्टी में किस तरह का आंतरिक अनुशासन बरतता है।

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