You need to know: इस जन्माष्टमी ऐसे करे बाल-गोपाल को खुश – Laddu Gopal, Krishna Janmashtami Pujan

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भाद्रपद की अष्ठमी तिथि को जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) बड़े ही धूमधाम से मनायी जाती है। कृष्ण जन्म की ये रात बेहद ही खास होती है। जिस पर भी भागवद् कृपा हो जाये तो, उसकी समस्त मनोवांछित इच्छायें पूरी हो जाती है। पद्मपुराण और भागवत के अनुसार श्रीकृष्ण भगवान विष्णु (Vishnu) के अवतार माने जाते हैं और उनकी अर्धांगिनी रूकमिणी परांबा लक्ष्मी का साक्षात् अवतार है। इसलिए अगर इस पावन अवसर पर कुछ खास़ उपाय किये जाते तो माता लक्ष्मी की अनुकम्पा भी सहज् मिल जाती है। 

इस मौके पर हम आपको कुछ अचूक उपाय बता रहे है, जिनका पालन करके आपकी हर मुराद पूरी हो सकती है।जन्माष्टमी के इस पुनीत अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के दस अचूक उपाय  

1–  कृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रातः काल स्नान करके ठाकुर जी बाल स्वरूप का ध्यान करते हुए मधुराष्टक पाठ करे। मंदिर जाकर युगल सरकार को पीले फूलों की माला अर्पित करे, इससे धन से जुड़ी दिक्कतें दूर होती है और माँ लक्ष्मी की असीम अनुकंपा के योग बनने लगते हैं। लड्डू गोपाल को स्नान कराकर उन्हें झूला झूलाये। 

2 – भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं। इसलिए जन्माष्टमी के दिन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को पीले रंग के कपडे, पीले अनाज, पीले फल और पीली रंग मिठाई की अर्पित करनी चाहिए। इन उपायों को करने से भगवान श्रीकृष्ण और मां लक्ष्मी दोनों की कृपादृष्टि होती है और व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन और यश की कमी नहीं आती है। 

3 – इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई (रसगुल्ले, पेड़े, संदेश और कलाकंद), साबुदाने या फिर खीर का भोग लगाएं, खीर में चीनी के बजाय मिश्री का प्रयोग करें तो अतिउत्तम होगा साथ ही भोग लगाते समय तुलसी दल अवश्य डालें। ये करने से श्रीकृष्ण की करूणा से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के योग बनने लगते हैं। 

4 – दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर प्रातः काल भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इससे मां लक्ष्मी हर्षित होती हैं और भक्तों की मनोवांछित इच्छाओं की पूरिपूर्ण करती हैं। 

5 – मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए या फिर प्रेम में सफलता के लिए जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण के मंदिर में जाकर उन्हें पीले फूलों की माला चढ़ाएं, पीले रंग की मिठाई, मिश्री, शहद और इलायची का भोग लगाएं। साथ ही माँ आद्या कात्यायनी का स्मरण भी करे। जिससे बज्र की गोपियों का कृष्ण सान्निध्य मिला था। 

6- जन्माष्टमी की रात बारह बजे, जिस समय श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था उस समय दूध में केसर और पंचगव्य मिलाकर श्रीकृष्ण का अभिषेक करना चाहिए। भोग प्रसाद में पंजीरी और सफेद माखन लोगों में वितरित करे।  ऐसा करने से श्रीकृष्ण के आशीष से घर में सदा सम्पन्नता और समृद्धि का वास बना रहेगा। 

7- जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण को पानी वाला नारियल व केला अर्पित करें और अपने मनचाहे प्रेमी या प्रेमिका की छवि और नाम मन में रखकर ‘ओम क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा:’ इस मंत्र का जाप करें। साथ ही नैवेद्य भी चरणों में अर्पित करे। राधा-कृष्ण की प्रतिमा के सामने रोज़ाना इस मंत्र की पांच माला जपें। इस उपाय से प्रेम विवाह और मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा पूरी होने की प्रबल संभावनायें बनने लगती है. 

8 – मंदिर में जटा वाला नारियल और कम से कम 11 बादाम जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण को चढ़ाएं। जो व्यक्ति जन्माष्टमी से लगातार 27 दिन तक कृष्ण के मंदिर में जटावाला नारियल और 11 बादाम चढ़ाता है उस व्यक्ति के सभी कार्य निर्विघ्न पूरे होने लगते हैं। किसी तरह की बाधा, जरा और व्याधि उसे नहीं व्यापती। 

9 – अगर लाख कोशिशों के बाद भी व्यापार और नौकरी में मन मुताबिक सफलता नहीं मिल रही है तो जन्माष्टमी के दिन अपने घर में 7 कन्याओं को बुलाकर उनके चरण पखारे उन्हें सफेद मिठाई या फिर खीर खिलाएं साथ ही सामर्थ्य अनुसार उन्हें कुछ उपहार भी दें। इस उपाय को अगामी 5शुक्रवार तक लगातार करते रहे। इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी और नौकरी-व्यापार में मनोकूल सफलता मिलेगी। 

10 – जन्माष्टमी के दिन गोधूलि वेला में तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं और ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी के पौधे की 11 बार परिक्रमा करें। इस उपाय से गृह क्लेश दूर होता है और घर में सुख शांति का वास होता है।  

जन्माष्टमी का दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव है इसलिए उनकी कृपा प्राप्त करनी है तो, कृष्ण जन्माष्टमी पर इन आसान उपायों को आज़माइए। फिर देखिए कैसे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा आप पर बरसती है और किस तरह से आपकी समस्त मनोकामनाएं हकीकत में परिवर्तित होती हैं।

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