VIDEO: दक्षिणी दिल्ली की New Friends Colony और Mangolpuri में पहुंचे Bulldozers

न्यूज़ डेस्क (नई दिल्ली): राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के बीच मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (New Friends Colony) और मंगोलपुरी (Mangolpuri) इलाके में बुलडोजर (Bulldozers) पहुंचे।

SDMC ने डेमोलिशन अभियान के पहले चरण को जारी रखने के लिए मंगलवार को दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

एसडीएमसी के सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह ने सोमवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान पर टिप्पणी करते हुए कहा, ''नगर निगम ने अगले 15 दिनों के लिए रोडमैप तैयार किया है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में कल सुबह 11 बजे से बुलडोजर चलाए जाएंगे। गरीब और अमीर के बीच कोई भेद किए बिना दिल्ली से हटा दिया जायेगा।"

उन्होंने कहा कि एसडीएमसी की ओर से अतिक्रमण हटाने पर जो खर्च आएगा उसकी भरपाई भी संपत्ति मालिक ही करेंगे।

गौरतलब है कि एसडीएमसी द्वारा चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के लिए सोमवार को दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) इलाके में स्थानीय निवासियों के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था जिसके चलते दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में डेमोलिशन अभियान शुरू होते ही स्थानीय लोग बुलडोजर को रोकने की कोशिश में सड़कों पर बैठे देखे गए।

शाहीन बाग अतिक्रमण पर सिंह ने कहा, ''भाजपा विधायक और पार्षद नहीं होने के कारण शाहीन बाग इलाके में ज्यादा अतिक्रमण हुआ है। शाहीन बाग इलाके में करीब 50 फीसदी लोगों ने खुद अतिक्रमण हटाया, शेष अतिक्रमण को नगर निगम हटाएगा। पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक ने भी अतिक्रमण किया है और नगर निगम इन अतिक्रमणों को भी हटाएगा।'

सिंह ने कहा, ''शाहीन बाग से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को कानूनी हार का सामना नहीं करना पड़ा है, सुप्रीम कोर्ट ने अभियान को रोकने की अर्जी खारिज कर दी। एसडीएमसी समीक्षा बैठक कर रही है, अभियान रोकने के कारणों की समीक्षा की जा रही है।'' अधिकारियों से तोड़फोड़ अभियान रोकने का कारण पूछा जाएगा।"

उन्होंने कहा, 'समीक्षा बैठक के बाद शाहीन बाग में अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर दोबारा चलाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने में बाधा डालने वालों के खिलाफ नगर निगम कानूनी कार्रवाई करेगा।'

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शाहीन बाग इलाके सहित दक्षिणी दिल्ली में इमारतों को गिराए जाने के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

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