Rajasthan government crisis: Sachin Pilot करने जा रहा है बड़ा उलटफेर

न्यूज डेस्क (समरजीत अधिकारी): राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के युवा चेहरे सचिन पायलट (Sachin Pilot) अब ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर निकलते दिख रहे है। मामला कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा बताया जा रहा है। जिसे लेकर राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सचिन पायलट को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। उप-मुख्यमंत्री को पेशी के लिए नोटिस जारी होने पर सचिन पायलट खेमे के समर्थकों और विधायकों में भारी नाराजगी है। अन्दरखाने ये भी चर्चा गर्म है कि, गहलोत खेमे के नेता सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस प्रमुख के पद से हटाने के लिए ये साज़िश रच रहे है।

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फिलहाल सचिन पायलट के समर्थन में तकरीबन 19 विधायक मजबूती से खड़े है। पायलट खेमे से जुड़े राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा (Rajasthan’s Food and Civil Supplies Minister Ramesh Meena) को भी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मीणा ने कहा- सचिन पायलट का नाम ना ही शिकायत दर्ज करवाने वाले लोगों में है, और ना ही आरोपियों में, तो ऐसे में उन्हें किन आधारों पर पेश होने के लिए नोटिस दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि SOG ने पूछताछ के लिए कई मंत्रियों और निर्दलीय विधायकों (Independent MLAs) को भी नोटिस भेजा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस हासिल हुआ है। मामले पर सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने ट्विट कर लिखा कि- एसओजी को जो कांग्रेस विधायक दल ने बीजेपी नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप एवम अन्य कुछ मंत्री व विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। कुछ मीडिया द्वारा उसको अलग ढंग से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

इस पूरे प्रकरण की पूछताछ खुद सूबे के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर (ADG Law & Order) करेगें। इस बात खफा सचिन पायलट दिल्ली दरबार में दस्तक दे चुके है। माना जा रहा है कि, वे कई बड़े भाजपा नेताओं के सम्पर्क में है। राजस्थान में सीएम बनाने को लेकर कांग्रेस आलाकमान (Congress high command) ने उनके साथ वादाखिलाफी की थी। जिससे वो काफी आहत हुए थे। अब ये प्रकरण उनके सियासी वजूद के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

माना जा रहा है कि, बीजेपी की ओर से उन्हें राजस्थान में सरकार गिराकर सीएम बनने का ऑफर दिया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक अभी वे भाजपा ज्वॉइन ना करके क्षेत्रीय दल बनाकर कांग्रेस के लिए नयी मुसीबत खड़ी कर सकते है। सामने ये भी आ रहा है कि मार्च महीने से ही वे भाजपा के शीर्ष नेताओं (Top BJP leaders) के सम्पर्क में बने हुए है। आंकड़ो की ओर नज़र डाले तो फिलहाल सचिन के पास कुल 19 विधायकों का समर्थन (Support of 19 MLAs) है। जिनमें से 16 कांग्रेसी और 3 निर्दलीय है। ऐसे में अगर वो भाजपा का दामन थामते है तो उन्हें वंसुधरा खेमे के 45 विधायकों का समर्थन मिल सकता है। दोनों तरफ के विधायक मिलकर उनके लिए राजस्थान में सिंहासन की राह आसान बना देगें। फिलहाल इंतजार इस बात का है, दिल्ली में बैठे कांग्रेसी सिपहसालार इन हालातों के निपटने के लिए क्या फॉर्मूला इज़ाद करते है?

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