Kejriwal के इस फैसले के बाद दिल्ली में मच सकता है हाहाकार, क्या दूध-पानी-सब्जी के लिए तरसेंगे दिल्लीवासी?

न्यूज डेस्क (दिगान्त बरूआ): कोरोना (Corona) संकट के बीच दिल्ली सरकार की नाकाम कोशिशों की मुखालफत उत्तर प्रदेश से भी होने लगी है। यूपी के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर (Nandkishore Gurjar) ने‌ केजरीवाल सरकार को खत लिखकर कई बड़े और अहम सवाल उठाये। विधायक ने केजरीवाल सरकार को अपने लिये गये फैसलों पर पुनर्विचार करने की बात करते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की।

केजरीवाल सरकार के फैसले अडिग रहने की सूरत में विधायक ने उत्तर प्रदेश से दिल्ली में आने वाली सब्जियों,‌ दूध और अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति पर रोक लगाने की चेतावनी दी। विधायक नंदकिशोर गुर्जर विधायक अरविंद केजरीवाल के उस फैसले से बेहद नाराज हैं, जिसमें दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवासियों के इलाज करने के निर्देश जारी किए थे। फैसले को असंवैधानिक और संघीय ढांचे की अवहेलना करने वाला बताया गया।

BJP MLA Nand Kishore Press Release 1

विधायक के मुताबिक- मौजूदा कोरोना संकट के बीच दिल्ली सरकार का ये फैसला राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से भरा हुआ है। इससे पहले भी केजरीवाल ने इस तरह का परिपत्र जारी किया था। जिसकी वजह से एनसीआर और दूसरे राज्य के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए केजरीवाल को कड़ी फटकार लगाई थी। केजरीवाल सरकार का ये फैसला संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का साफ तौर पर उल्लंघन है। जहां एक ओर देश के सभी राज्य इंफेक्शन की लड़ने के लिए एकजुट हो रहे हैं, वहीं केजरीवाल विद्वेष की राजनीति फैला रहे हैं।

दूसरे राज्यों के लोगों का इलाज दिल्ली में प्रतिबंधित करने के मामले पर विधायक ने करारा तंज कसते हुए, कहा कि, बीमार पड़ने पर केजरीवाल अपने खांसी का इलाज करवाने बेंगलुरु जाते हैं। ऐसे में उनका ये फैसला किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है। विधायक की ओर से लिखे गए, इस खत की प्रतिलिपि गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को भी भेजी गई है।

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