2021 Predictions: नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां, ये साल रहेगा और ज़्यादा खतरनाक

एस्ट्रोलॉजी डेस्क (नई दिल्ली): साल 2020 की भयानक तस्वीर बामुश्किल ही लोगों के दिलोदिमाग से निकल पाये, लेकिन 2021 के लिए नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां (2021 Predictions) लोगों को और ज़्यादा चिंता में डाल सकती है। नास्त्रेदमस की 465 साल पुरानी भविष्यवाणियां आज भी बेहजद सटीक है, उन्होनें इसका जिक्र अपने किताब ‘लेस प्रोफेटीस’ में किया है। जिसमें तकरीबन 6338 भविष्यवाणियों का लेखाजोखा है। जिसमें से अब कई बातें सच्ची साबित हुई है।

2021 के लिए उन्होनें भविष्यवाणी करते हुए बताया है कि, इस साल कई मुल्क गृहयुद्ध की आग में झुलसेगें। जिनमें से ज़्यादातर मध्य-पूर्वी एशिया और अफ्रीकी महाद्वीप के देश होगें। दुनिया के कई हिस्सों में भंयकर जलवायु परिवर्तन होगा। जिसके कारण लाखों मौतें, विस्थापन और सामूहिक पलायन (Deaths, displacement and mass exodus) होगा। रूसी वैज्ञानिक जैविक हथियार पर ऐसा वायरस विकसित करेगें, जो इंसानों के ज़िन्दा मुर्दे (जॉम्बी) में बदल देगा। चीन और ईरान तीसरे विश्वयुद्ध का आगाज़ कर सकते है। भारत में चरमपंथी गतिविधियां काफी बढ़ जायेगी। दक्षिणी चीन सागर एटमी जंग के मुहाने पर खड़ा होगा। दक्षिण-पूर्व से उम्मीद और सुकून के बयार बहेगी।

उनकी भविष्यवाणी में आगे कहा गया कि, आसमानी तबाही का पहला पैगाम सूरज की ओर से आयेगा (धरती के तापमान में इज़ाफा) साथ ही क्वाट्रेन (पृथ्वी से धूमकेतु की टक्कर) की घटनायें भी हो सकती है। कई बड़े देशों के बढ़ती सामरिक प्रतिद्वंदिता (Strategic rivalry) धरती के लिए मनहूसियत साबित होगा। धर्मान्धता (Bigotry) भारत की शांति को निगल जायेगी। आम जनता में असंतोष और रोष चरम पर होगा। ये साल तबाही की शुरूआत लेकर आयेगा। जिसका सीधा असर इंसानी नस्लों पर पड़ेगा। दुनिया के बेहतरीन जंगी ताकतें (चीन-अमेरिका-रूस-भारत) एक दूसरे के सामने ताल ठोंक सकती है। जंगी सिपहसालारों की मशीन में तब्दील (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कर दिया जायेगा।

कुछ इसी तरह की भविष्यवाणी बुल्गारिया के जाने माने भविष्यदर्शी बाबा वेंगा (Soothsayer Baba Venga) ने की। उनके मुताबिक 2021 में रूस के बड़े हिस्से में उल्का-पिंड गिरेंगे। पूरी दुनिया पर कुदरत हमले होगें। यूरोप कैमिकल वॉर की आग झुलसेगा। पूरे यूरोपीय महाद्वीप की शानोशौकत का खात्मा होगा। शायद यूरोपीय महाद्वीप अपना वजूद ही खो बैठे। हम आपको बताना चाहते है कि जरूरी नहीं है कि हर भविष्यवाणी सही हो। इनके पीछे कोई वैज्ञानिक और तार्किक आधार (Scientific and logical basis) नहीं होता है। इसलिए TNN आप लोगों से अपील करता है कि, इस बारे में अपने विवेक से काम ले। फिलहाल हमें इन भविष्यवाणियों को दरकिनार करके नये साल का खुले दिल से इस्तकबाल करना चाहिए।

Leave a comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More