दिल्ली के नजदीक इस जिले में क्यों खत्म हो रहे है हिन्दू? जानिए इस रिपोर्ट में

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103 गाँवों में हिन्दू परिवारों की संख्या शून्य

83 गाँवों में बचे है 5 से भी कम हिन्दू परिवार

न्यूज़ डेस्क (अक्षय कुमार): जहाँ एक ओर कोरोना वायरस (Coronavirus) से छुटकारा पाने की जद्दोजहद में पूरी दुनिया लगी हुई हैं। वहीं देश की राजधानी दिल्ली से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर हरियाणा के मेवात (Mewat District) से हिन्दू परिवारों के साथ बर्बरता की ख़बरें सामने आ रही हैं, जो दिल दहला देने वाली हैं। मेवात के गावों से हजारों हिन्दूओं का पलायन हो रहा हैं। अगर इसे सीधे तौर पर कहे तो, यहाँ मिनी पाकिस्तान (Mini Pakistan) बनाया जा रहा है।

हालत इतने ख़राब हैं कि, यहाँ दिन-दिहाड़े हिन्दू परिवारों (Hindu Family) के साथ मारपीट, उनके बच्चियों के साथ बलात्कार (Rape) की घटनाये लगभग रोजाना होती रहती हैं। मेवात से हजारों की संख्या में हिन्दू परिवार (Hindu Family) अपना घर-बार छोड़ कर दूसरी जगहों पर बसने को मजबूर हैं, क्योंकि उनकी समस्यायों को स्थानीय प्रशासन (Local Administration) और राज्य सरकार दोनों ही अनसुना कर रही है।

एक रिपोर्ट में ये बात सामने आई हैं कि, वहाँ के 103 गाँवों में हिन्दू परिवारों की संख्या शून्य हैं और बाकी बचे 83 गाँवों में तो 5 से भी कम हिन्दू परिवार बचे हुये हैं, जो कि भारत जैसे देश के लिए काफी चिंता की बात हैं।

इस रिपोर्ट में कही गई मुख्य बातें 

  • पूरे मेवात में हिंदू विरोधी व राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र हो रहा है।
  • प्रताड़ना के कारण हिंदुओं का पलायन (Migration of Hindus) लगातार होता जा रहा है।
  • 25 वर्षों के दौरान 50 से ज्यादा गांव हिंदू विहीन हो चुके हैं।
  • हिंदू महिलाओं से दुष्कर्म आम है।
  • हिंदुओं की व्यक्तिगत, सार्वजनिक और मंदिरों की जमीनों पर लगातार कब्जे हो रहे हैं।
  • हिंदुओं के धार्मिक प्रतीकों का अपमान हो रहा है।
  • विरोध करने पर समुदाय विशेष की भीड़ हमला करती रही है।
  • सोशल मीडिया पर राष्ट्र व हिंदू विरोधी पोस्ट चलती है।
  • संतों के साथ मारपीट की जा रही है। पुन्हाना व नगीना खंडों (Punna and Nagina Block) में अत्याचार अधिक हैं।
  • हिंदुओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • कट्टरपंथियों (ultra-orthodox) के पैसे से समुदाय विशेष के धार्मिक स्थलों का निर्माण आम है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) से इस मुद्दे पर बात की और इसकी विस्तृत जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय जाँच करने का आश्वासन दिया है, इस बात की पुष्टि विहिप के ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी ने की।

जिले पर वहाबी विचारधारा का कब़्जा

हरियाणा के इस जिले में कट्टरपंथ की नींव साल 1927 के दौरान ही रख दी गयी थी। जहाँ मुहम्मद इलियास अल-कांधलवी (Muhammad Ilyas al-Kandhalvi) ने धार्मिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के नाम पर वहाबी मानसिकता (Wahabi Tendency) को पाला-पोसा। यहाँ से कट्टरपंथ का नेटवर्क तैयार कर, उसे पूरे दक्षिण-एशिया (South Asia) में ले जाया गया। तब्लीगी, जमात और मरकज के नाम पर खाड़ी देशों से बेहिसाब पैसा, इस जिले के वहाबियों को भेजा जाता रहा है। इस पैसे का इस्तेमाल इस्लामिक शिक्षा को बदनाम करते हुए कट्टरपंथी विचारधारा (Radical ideology) फैलाने के लिए किया जाता है। हाल ही में गिरफ्त में आये मौलाना साद से पूछताछ के दौरान आवंछित विदेशी पैसे की बात सामने आयी थी। मेवात पर अतिवादी विचारधारा का असर इस कदर है कि, पिछले 25 सालों की जनसांख्यिकी संरचना (Demographic structure) में भारी बदलाव देखने को मिल रहा है।

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