Delhi Riots: बंद हुआ दंगा, शुरू हुई राजनीति

नई दिल्ली (ब्यूरो): दंगों के बाद उत्तरी पूर्वी दिल्ली के हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। लोग घरों से निकलने लगे हैं और अपने कामों में लगने लगे है। दंगे के जहर से हर किसी का नुकसान हुआ है। किसी ने अपनों को खोया तो किसी की जिंदगी भर की जमा पूंजी लूट गयी। भले ही उत्तरी पूर्वी दिल्ली 3 दिन दंगों की आग में जली। हालातों को सामान्य बनाने के लिए दोनों ही पक्षों ने पुरजोर कोशिशें की। ऐसे में जब हालात सामान्य हो रहे हैं और दिल्ली पुलिस दंगाइयों की धरपकड़ में लगी हुई है। इस बीच भाजपा नेता कपिल मिश्रा की ओर से एक ट्वीट सामने आया है। जिसमें वो लिखते हैं कि- दिल्ली में हुई हिंसा में कई आम आदमी पार्टी के नेताओं का हाथ था। जिसमें आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मोहम्मद अथर की भूमिका थी।

कपिल मिश्रा के इस ट्विट पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी के समर्थक दुर्गेश पाठक लिखते है कि- या तो आप इस ट्विट को तुरन्त डिलीट कीजिए वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहिये।

ऐसे में सवाल उठने लाजिमी हैं,दिल्ली पुलिस दंगाइयों की धरपकड़ में लगी हुई है, और हालात सामान्य हो रहे हैं। ऐसे में कपिल मिश्रा ये ट्वीट कर क्या संदेश देना चाह रहे हैं ? दंगों की तपिश अभी शांत नहीं हुई है और दिल्ली पुलिस शहीद जवान को नहीं भूली है। दिल्ली पुलिस अपना काम बखूबी करना जानती है। दंगाई हर हालत में दंगाई होता है, ऐसे में उसकी राजनीतिक पहचान बहुत पीछे छूट जाती है। माहौल सामान्य होने पर उकसावे वाला ट्विट करके वो अभी भी सियासी रंग देने की कोशिश में लगे हुए है। अगर वो (कपिल मिश्रा) दंगों को लेकर इतने ही फिक्रमंद है तो दिल्ली पुलिस को जाकर ये सबूत दे। सोशल मीडिया पर ये सब चीज़े डालकर पॉलिटिकल माइलेज लेना गलत रवायत को जन्म देगा। ऐसे में उनकी राजनीतिक मजबूरियां भली-भांति समझी जा सकती है। राष्ट्रीय राजनीति में खुद को स्थापित करने की उनकी छटपटाहट साफ देखी जा सकती है। इन्हीं महत्त्तवकांक्षाओं के चलते उन्होनें आप का साथ छोड़ा था। बतौर जिम्मेदार राजनेता उन्हें इस मामले पर टिप्पणी और ट्विट करने से बचना चाहिए।

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