Facebook के कारण Congress-BJP में हुई तनातनी, उठी JPC जांच की मांग

American News Paper Wall Street Journal ने Facebook को लेकर एक रिपोर्ट छापी। जिसके बाद Congress और BJP के बीच

नई दिल्ली (विश्वरूप प्रियदर्शी): American News Paper Wall Street Journal ने Facebook को लेकर एक रिपोर्ट छापी। जिसके बाद Congress और BJP के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है। मामले की संजीदगी को देखते हुए कांग्रेस अब JPC जांच की भी मांग कर रही है। बीते 16 अगस्त 2020 को राहुल गांधी ने ट्विट कर Wall Street Journal की एक रिपोर्ट साझा की। रिपोर्ट के मुताबिक – फेसबुक भारत में सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं की सांप्रदायिक, घृणित, भड़काऊ और हिंसा फैलाने वाली पोस्टों (Communal, hateful, inflammatory and violence-generating Facebook posts) पर लगाम कसने में लापरवाही भरा रवैया अख़्तियार कर रहा है।

 Facebook’s Hate-Speech Rules Collide With Indian Politics

तीन दिन पहले छपी वॉल स्ट्रीट जर्नल इस रिपोर्ट में भाजपा नेता टी. राजा सिंह (BJP leader T. Raja Singh) का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि, उन्होनें रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ फेसबुक पर अत्यन्त घृणित बता कहीं। बावजूद इसके फेसबुक कंपनी ने किसी तरह का कोई निषेधात्मक कदम (Prohibitive step) नहीं उठाया। ठीक इसी तर्ज पर भाजपायी नेताओं के आपत्तिजनक कॉटेंट पर फेसबुक ने आंखें मूंद रखी है। इसी मामले पर हमलावर होते हुए राहुल गांधी ने ट्विट कर लिखा कि- भाजपा और आरएसएस के लोग भारत में फेसबुक और व्हाट्सएप को अपने इशारे पर नाचते है। वे इसके द्वारा फर्जी खबरें और नफरत फैलाते हैं, साथ ही इसका इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए करते हैं। आखिरकार अमेरिकी मीडिया ने फेसबुक के असली चेहरे को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है।

जैसे ही ये मामला मीडिया और सोशल मीडिया में तूल पकड़ने लगा तो फेसबुक की ओर आधिकारिक बयान (Official statement by facebook) सामने आया। फेसबुक ने कहा- हिंसा और दंगे उकसाने वाली साम्प्रदायिक पोस्टों और आपत्तिजनक कंटेंट पर फेसबुक हर संभव तरीसे से लगाम कसता है। ये नीति कारगर तरीके से वैश्विक स्तर पर लागू की जाती है। कंपनी बात अच्छे से जानती है कि, अभी इस दिशा में काफी प्रयास करने बाकी है। प्रभावी तौर पर इसे लागू करने के लिए कंपनी तयशुदा समय पर कॉन्टेंट ऑडिटिंग (Content auditing) की कवायदों पर जोर देती रही है।

कांग्रेसी नेता अजय माकन ने इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की पुरजोर मांग उठायी है। अजय माकन के मुताबिक जेपीसी को ये जांच करनी चाहिए कि, फेसबुक और व्हाट्सएप चुनावों में भाजपा को पॉलिटिकल माइलेज (Political mileage) दिलाने में और साम्प्रदायिक माहौल (Communal atmosphere) बनाने में कैसे मददगार है? इसके साथ ही शशि थरूर और प्रियंका गांधी वॉड्रा भी भाजपा पर इस मुद्दे को लेकर हमलावर रहे।

भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस मामले पर केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय (Union Information Technology Minister Ravi Shankar Prasad and BJP IT Cell chief Amit Malviya) ने मोर्चा संभाला और कांग्रेस पर पलटवार किया। कैबिनेट मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- कांग्रेस और राहुल गांधी कैंब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) और फेसबुक से मिले आंकड़ों का सहारा लेकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़े गये थे। ऐसे में हम पर बेबुनियादी इल्ज़ाम हिम्मत कर रही है कांग्रेस।

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