PM Modi Live Updates: China से तनाव के बीच पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन

पूर्वी लद्दाख में बने सैन्य तनाव (Military tension) के बीच पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। लाइव संबोधन की जानकारी

न्यूज़ डेस्क (दिगान्त बरूआ): पूर्वी लद्दाख में बने सैन्य तनाव (Military tension) के बीच पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। लाइव संबोधन की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल (Twitter handle of Prime Minister’s office) से एक दिन पहले ही दे दी गयी थी। इस दौरान आम जनता ये कयास (Speculation) लगा रही थी कि, पीएम मोदी Unlock 2.0 के बारे में अपने विचार देश के समक्ष रखेगें। लेकिन सीमा पर चल रहे मौजूदा हालात नाज़ुक दौर से गुजर रहे है। पीएम के संबोधन को लेकर आम जनता में काफी उत्सुकता (Curiosity) देखी गयी। हाल ही में लोग 59 चाइनीज ऐप (Chinese app) पर लगे सरकारी प्रतिबंध से जोड़कर इससे देख रहे है। पीएम मोदी का ये संबोधन ऐसे वक़्त में सामने जब वास्तविक नियन्त्रण रेखा के पास चुशूल सेक्टर (Chushul Sector) में दोनों देशों के लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की तीसरे दौर की वार्ता (Lieutenant General level third round of talks) समाप्त हुई है।

पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य अंश:

  • कोरोना वैश्विक महामारी (Corona global epidemic) के खिलाफ लड़ते हुए अब हम Unlock-Two में प्रवेश कर रहे हैं। और हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जहां सर्दी-जुखाम, खांसी-बुखार ये सारे न जाने क्या क्या होता है , के मामले बढ़ जाते हैं।
  • साथियों, ये बात सही है कि अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है। समय पर किए गए लॉकडाउन (Lockdown) और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है।
  • जब से देश में Unlock-One हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही भी बढती ही चली जा रही है । पहले हम मास्क को लेकर, दो गज की दूरी को लेकर, 20 सेकेंड तक दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर बहुत सतर्क थे।

  • लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था।अब सरकारों को, स्थानीय निकाय (local body) की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है।
  • विशेषकर कन्टेनमेंट जोंस (Containment Zones) पर हमें बहुत ध्यान देना होगा।जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा।
  • लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी (Civil society) के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए।
  • देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई।

  • बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों (Farmers’ Bank Accounts) में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं।
  • एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है। वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया।
  • एक तरह से देखें तो, अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपियन यूनियन (European Union) की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है।
  • साथियों, हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर (Agriculture Sector) में ही ज्यादा काम होता है। अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है।

  • त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार (Expansion plan) अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है।
  • अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानि एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड ‘one nation one ration card’। इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं और जाते हैं।
  • आज गरीब को, ज़रूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है। पहला- हमारे देश के मेहनती किसान, हमारे अन्नदाता। और दूसरा- हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर (Honest taxpayer)
  • आपने ईमानदारी से टैक्स भरा है, अपना दायित्व निभाया है, इसलिए आज देश का गरीब, इतने बड़े संकट से मुकाबला कर पा रहा है।मैं आज हर गरीब के साथ ही, देश के हर किसान, हर टैक्सपेयर का ह्रदय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं, उन्हें नमन करता हूं।
  • हम सारी एहतियात बरतते हुए Economic Activities को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे। हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे। इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलजुल कर के, संकल्प के साथ काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है।
  • फिर से एक बार मैं आप सब से प्रार्थना करता हूँ, आपके लिए भी प्रार्थना करता हूँ, आपसे आग्रह भी करता हूँ , आप सभी स्वस्थ रहिए, दो गज की दूरी का पालन करते रहिए, गमछा , फेस कवर, मास्क ये हमेशा उपयोग कीजिये, कोई लापरवाही मत बरतिए।
1 Comment
  1. Finderstop says

    Eagerly waiting

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