MP Guna Farmer Family Case: Rahul Gandhi सहित दूसरे लोगों ने Social Media पर यूं किया Shivraj Govt. का घेराव

मध्य प्रदेश के गुना से आयी किसान परिवार की तस्वीरों ने पूरे देश का दिल झकझोर कर रख दिया। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर

न्यूज़ डेस्क (समरजीत अधिकारी): मध्य प्रदेश के गुना से आयी किसान परिवार की तस्वीरों ने पूरे देश का दिल झकझोर कर रख दिया। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आम जनता मध्य प्रदेश प्रशासन की जमकर आलोचना कर रही है। एमपी पुलिस की ज़्यादती और पीड़ित परिवारवालों पर उत्पीड़न की कवायद का वीडियों जैसे ही वायरल हुआ। शिवराज सरकार पर कार्रवाई करने का दबाव बहुत बढ़ गया। फौरी प्रशासनिक कार्रवाई (Administrative action) के तौर पर गुना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और ग्वालियर रेंज आईजी (Gwalior Range IG) को तुरन्त प्रभाव से हटा दिया गया है।

घटना के साथ ही प्रदेश कांग्रेस और केन्द्रीय नेतृत्व (Central leadership) को शिवराज सरकार का घेराव करने का मौका मिल गया। मामले पर राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर पर लिखा कि- ‘हमारी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के खिलाफ है’ इसके साथ ही राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने घटना का वीडियों भी साझा किया। जिसमें तौर पर देखा जा सकता है कि- मध्य प्रदेश पुलिस के ज़वान (Madhya Pradesh Police personnel) किसान और उसकी पत्नी को बुरी तरह पीट रहे है।

मामले पर पूर्व सीएम कमलनाथ के कार्यालय ने ट्विट कर लिखा कि- ये शिवराज सरकार प्रदेश को कहाँ ले जा रही है ? ये कैसा जंगल राज है ? गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान (Dalit farmer) दंपत्ति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज। यदि पीड़ित युवक का ज़मीन सम्बंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे क़ानूनन हल किया जा सकता है लेकिन इस तरह क़ानून हाथ में लेकर उसकी पत्नी की, परिजनो की और मासूम बच्चो तक की इतनी बेरहमी से पिटाई (Brutally beating), यह कहाँ का न्याय है? क्या यह सब इसलिये कि वो एक दलित परिवार से है, ग़रीब किसान है? क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूख़दारों द्वारा क़ब्ज़ा की गयी, हज़ारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिये भी शिवराज सरकार दिखायेगी ? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही हो , अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

दर्दनाक मामले को ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण बताया और ट्विटर पर लिखा कि- गुना की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) जी ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दे दिए है।

मामले को बिगड़ता देख डैमेज कन्ट्रोल करने के लिए मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने वीडियो संदेश जारी कर ट्विट करते हुए लिखा कि- गुना के कैंट थाना क्षेत्र की घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं। इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जाना चाहिए। मैंने तत्काल अधिकारियों को उच्चस्तरीय जांच (High level investigation) के निर्देश दिए हैं। भोपाल से जांच दल मौके पर जाकर पूरी घटना की जांच करेगा। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसपर कार्रवाई करेंगे।

ऐसे में कमलनाथ (Kamal Nath) का सवाल काफी अहम है। क्या पुलिस और प्रशासन ठीक इसी तरह की सख़्ती रसूखदार लोगों पर कर सकता है? इसके साथ ही दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने भी घटना का निंदा की। पीड़ित परिवार ने कर्ज लेकर साझी बटाई पर जमीन जुताई के लिए ली थी। मध्य प्रदेश प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए, एक बार भी उसकी गुहार की ओर ध्यान नहीं दिया।

कर्ज बोझ तले दबे किसान, जब पुलिस की मार से अपमानित महसूस (Feel humiliated) करने लगा तो उसके पास कीटनाशक (Pesticide) पीने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। यहाँ पर प्रशासन ने सीधे तौर पर मानवीय पक्षों की अवहेलना (Disregard of the human side) की। अगर संजीदगी से काम लिया जाता तो किसान को मोहलत देकर ज़मीन खाली करवायी जा सकती थी।

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