जब Dragon से भिड़ गये भारतीय शेर

जब Dragon से भिड़ गये भारतीय शेर। हर अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर चीन को निर्मम आलोचना झेलनी पड़ रही है। फिर भी चीन अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा।

न्यूज़ डेस्क (अक्षय कुमार): बढ़ते वैश्विक संक्रमण के हालातों में चीन अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा। तकरीबन हर अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर चीन (China) को निर्मम आलोचना झेलनी पड़ रही है। चीनी राजनयिक दुनिया के हर देश को स्पष्टीकरण देते-देते थक गये। चीन की ये खीझ और बौखलाहट उत्तरी सिक्क्मि के नाकू ला सेक्टर में देखने को मिली। जहाँ चीनी सैनिकों की भड़काऊ कार्रवाई का कारारा ज़वाब भारतीय सेना (Indian Army) के शेरों ने जमकर दिया। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई इस झड़प में 7 चीनी सैनिक बुरी तरह घायल हो गये और भारतीय सेना के 4 ज़वानों को भी हल्की फुल्की चोटें आयी। स्थानीय कमांडरों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। विवाद की वज़ह दोनों देशों के बीच लगती 3400 किलोमीटर लंबी सीमा है। जिस पर भारत अक्सर अपने प्रभुत्व की बात कहता आया है। चीन को ये बात नागवार लगती है। जिसकी वज़ह से आये दिन दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनातनी होती रहती है। नाकू ला सेक्टर के जिस इलाके में ये हाथापाई हुई, वो जगह समुद्र तल से 5000 मीटर यानि कि 61,400 फीट पर स्थित है। जहाँ आम आदमी का सांस लेना तक दूभर होता है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच साल 1962 में लड़े गये युद्ध की भी यहीं वज़ह थी। साल 2017 के दौरान डोकलाम में सड़क बनाने को लेकर दोनों देशों के बीच लंबा विवाद चला था। जब दोनों देशों की सेनायें बटालियन स्तर पर एक दूसरे के आमने-सामने आ गयी थी। विवादस्पद इलाके में सीमा विभाजन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। जिसके कारण आये दिन गश्त लगाने के दौरान चीनी और भारतीय सैनिकों को ऐसे हालातों से दो-चार होना पड़ता है। हालांकि पिछले 4 दशकों के दौरान इस मोर्चे पर दोनों देशों के बीच एक भी गोली नहीं चली है।

ऐसी घटनायें चीन की विस्तारवादी छटपटाहट का नतीज़ा है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि जापान, फिलिपींस, ब्रुनोई, वियतनाम और लाओस भी इसके शिकार है। रणनीतिक मोर्चों पर मुंह की खाने के बाद चीन कूटनीतिक दांव चलता है। जैसा कि हाल ही में उसने नेपाल में भारत के खिल़ाफ किया। प्रायोजित और व्यवस्थित ढंग से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना नेपाल में अक्सर भारत के खिल़ाफ प्रदर्शन करवाती रही है। आर्थिक महाताकत बनने की चाह में चीन ने पूरे दुनिया को इंफेक्शन के दलदल में धकेला दिया। अब चीन के विस्तारवादी रवैये की आलोचना एशियाई महाद्वीप से निकलकर वैश्विक हो चली है। पूरी दुनिया अब चीन के खिल़ाफ लामबंद हो रही है। तकरीबन दुनिया के हर कोने से चीन के खिलाफ धीरे-धीरे आवाज़े बुलन्द होने लगी है।

ज़रूरत पड़ने पर भारतीय शेर रणनीतिक, कूटनीतिक, सामरिक और राजनयिक हर मोर्चे पर Dragon को काबू में रखने की काबिलियत रखते हैं।

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