India China Tension: PM Modi के Ladakh दौरे से बौखलाया चीन, खीझकर बोली ये बात

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न्यूज डेस्क (विश्वरूप प्रियदर्शी): सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच आज पीएम मोदी (PM Modi) लद्दाख के औचक दौरे पर पहुँचे। इस दौरान उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (Chief of defence staff) दिखे। जवानों का साहस बढ़ाते हुए उन्होंने Indo-Tibetan Border Police वायुसेना और थलसेना के जवानों को संबोधित किया। नीमू उन्होंने जवानों से बातचीत की और इलाके के नक्शे को समझते हुए सामरिक जानकारियां भी हासिल की। इस दौरान उपस्थित जवानों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।

Highlights of PM Modi’s address during surprise inspection on Ladakh’s front

• आपका ये हौसला, शौर्य और मां भारती के मान-सम्मान की रक्षा के लिए आपका समर्पण अतुलनीय है। आपकी जीवटता भी जीवन में किसी से कम नहीं है। जिन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढाल बनकर उसकी रक्षा, उसकी सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता।

• आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है, जहां, आप तैनात हैं। आपका निश्चय, उस घाटी से भी सख्त है, जिसको आप रोज अपने कदमों से नापते हैं। आपकी भुजाएं, उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जो आपके इर्द-गिर्द हैं। आपकी इच्छा शक्ति आस पास के पर्वतों की तरह अटल हैं।

• जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है। अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है।

• मैं गलवान घाटी (Galwan Valley) में शहीद हुए सैनिकों को आज पुनः श्रद्धांजलि देता हूं। उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी, उनका जयकारा कर रही है। आज हर देशवासी की सिर, आपके सामने आदरपूर्वक नमन करता है। आज हर भारतीय की छाती आपकी वीरता और पराक्रम से फूली हुई है। आज हर देशवासी का सिर आपके यानी अपने देश के वीर सैनिकों के सामने आदरपूर्वक नतमस्तक होकर नमन कर रहा है।

• आज हर भारतीय की छाती आपकी वीरता और पराक्रम से फूली हुई है। 14 कोर की जांबाजी के किस्से हर तरफ है। दुनिया ने आपका अदम्य साहस देखा है। आपकी शौर्य गाथाएं घर-घर में गूंज रही है। भारत के दुश्मनों ने आपकी फायर भी देखी है और आपकी फ्यूरी भी।

• हमारे यहां कहा जाता है, वीर भोग्य वसुंधरा। यानी वीर अपने शस्त्र की ताकत से ही मातृभूमि की रक्षा करते हैं। ये धरती वीर भोग्या है। इसकी रक्षा-सुरक्षा को हमारा सामर्थ्य और संकल्प हिमालय जैसा ऊंचा है। ये सामर्थ्य और संकल्प में आज आपकी आंखों पर, चेहरे पर देख सकता हूं।

• विस्तारवाद (Expansionism) का युग समाप्त हो चुका है। ये युग विकासवाद का है। तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक (Evolutionary only relevant) है। विकासवाद के लिए ही अवसरहै। और विकासवाद ही भविष्य का आधार है। बीती शताब्दियों में विस्तारवाद ने ही मानवता का सबसे ज़्यादा अहित किया। मानवता का विनाश करने का प्रयास किया। विस्तारवाद की जीत, जब किसी पर सवार हो रही है। तो उसने हमेशा विश्व शांति के सामने खतरा पैदा किया। और साथ में ये ना भूले इतिहास गवाह है। ऐसी ताकतें मिट गयी है। या मुड़ने के लिए मजबूर हो गयी। विश्व का हमेशा यहीं अनुभव रहा है। और इसी अनुभव के आधार पर पूरे विश्व ने मन बना लिया है।

• हर आक्रमण के बाद भारत और मजबूत होकर उभरा है। राष्ट्र की, दुनिया की, मानवता की प्रगति के लिए शांति और मित्रता हर कोई मानता है। हम ये भी जानते हैं कि कमजोर शांति की पहल नहीं कर सकता। वीरता ही शांति की शर्त होगी। भारत आज जल-थल-नभ तक अपनी ताकत बढ़ा रहा है तो उसके पीछे का लक्ष्य मानव कल्याण ही है। विश्व युद्ध हो या विश्व शांति की बात, जब भी जरूरत पड़ी है विश्व ने हमारे वीरों का पराक्रम देखा भी है और महसूस भी किया है। हमने हमेशा मानवता और इंसानियत की रक्षा के लिए काम किया है।

• राष्ट्र रक्षा से जुड़े किसी लीडर के बारे में सोचता हूं तो मैं सबसे पहले दो माताओं का स्मरण करता हूं। पहली- हम सभी की भारत माता, दूसरी- वे वीर माताएं जिन्होंने आप जैसे योद्धाओं को जन्म दिया है।

• सेना के लिए आधुनिक हथियार हो या आपने लिए साजो सामान, हम इस पर बहुत ध्यान देते रहे हैं। बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर (Border infrastructure) पर खर्च करीब 3 गुना कर दिया गया है। इससे बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट (Border area development) और सीमा पर सड़कें-पुल बनाने का काम भी बहुत तेजी से हुआ है। अब आप तक सामान भी कम समय में पहुंचता है। सेनाओं में समन्वय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस के गठन की बात हो या वॉर मेमोरियल का या फिर वन-पेंशन वन रैंक की बात हो। हम सेनाओं और सैनिकों को मजबूत कर रहे हैं।

• हम वो लोग हैं बांसुरीधारी की पूजा करते हैं, हम वो लोग हैं जो सुदर्शनधारी को आदर्श मानकर चलते हैं। जिस भारत के सपने को लेकर आप सरहद पर देश की रक्षा कर रहे हैं, हम आपके सपनों का भारत बनाएंगे। इसमें 130 करोड़ देशवासी पीछे नहीं रहेंगे। मैं आपको यह विश्वास दिलाने आया हूं। हम आत्मनिर्भर भारत बनाकर ही रहेंगे।

बीजिंग को पीएम मोदी का लद्दाख दौरा बेहद नागवार लगा। इस चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान (Chinese Foreign Ministry spokes person Zhao Lijian) ने चीन का आधिकारिक पक्ष (Official stand of china) रखा। उन्होनें कहा कि, भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक माध्यमों से बातचीत जारी है। ऐसे वक्त में किसी भी पक्ष को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे की दोनों देशों के बीच और तनाव चरम पर पहुँचे।

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