Rafale: धारा-144 के बीच पहुँचा राफेल, Indian Navy ने शुरू किया चीन का घेराव

राफेल के स्वागत के लिए भारतीय वायुसेना सहित अंबाला प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर ली है। जिसके लिए अंबाला एयरबेस के

न्यूज़ डेस्क (शौर्य यादव): राफेल (Rafale) के स्वागत के लिए भारतीय वायुसेना सहित अंबाला प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर ली है। जिसके लिए अंबाला एयरबेस के आस-पास के चार गांवों में धारा-144 लगा दी गयी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी है। साथ ही किसी तरह की एरियल फोटोग्राफी (Aerial photography) करने और लोगों को छत्तों पर चढ़ने से रोकने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। हरियाणा पुलिस और वायुसेना पुलिस (Air force police) मिलकर इलाके में संयुक्त गश्त (Joint patrol) लगा रहे है। बलदेव नगर, गरनाला, बरनाला, धूलकोट और  पंजोखरा गांवों में आज सुबह दुकानें सड़के खाली नज़र आयी।

एयरबेस की ओर जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक रूट को डायवर्ट (Traffic route divert) किया गया है, साथ ही एयरबेस में जाने वाले वाहनों की तलाशी और चालकों के आई कार्ड चैक किये जा रहे है। पुलिस और प्रशासन ने एक दिन पहले ही लाउडस्पीकर से धारा-144 लगाने की घोषणा आसपास के गांवों में कर दी थी। राफेल के आने से लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज (Home Minister of Haryana Anil Vij) ने कहा- अगर कोरोना गाइडलाइन ना लगी होती तो लोग खुशी में नाच रहे होते।

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इस बीच भारतीय नौ-सेना ने चीन की आक्रामक घेराबंदी (Aggressive siege) शुरू कर दी है। जिसके लिए हिन्द महासागर में नौ-सेना तकरीबन सभी प्रमुख युद्ध पोतो, विध्यवसंकों और पनडुब्बियों की तैनाती कर दी है। इसके साथ ही इसी समुद्री इलाके में अमेरिकी नौ-सेना विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन (US naval aircraft carrier USS Nimitz and USS Ronald Reagan) भी मौजूद है। फिलहाल पीएलए की नेवल यूनिट की ओर से इस समुद्री इलाके में किसी तरह की मिरर डिप्लॉयमेंट (Mirror deployment) की कोई खबर नहीं है। ज़्यादातर चीनी नौ-सेना पोत दक्षिणी चीन सागर में तैनात किये गये है।

भारत और अमेरिका ने मिलकर दक्षिण एशियाई में चीन पर लगाम कसने का काम बढ़ा दिया है। जिसके ज़वाब में चीन ने मलक्का स्ट्रेट की सशस्त्र घेराबंदी (Armed siege of malacca strait) की है। चीनी नौ-सेना का इरादा ज़्यादा दबाव बढ़ने पर सप्लाई चैन काटने का है। मौजूदा तस्वीर में बीजिंग बैकफुट पर है। लेकिन उसका अगर दांव क्या होगा। इस पर सामरिक विशेषज्ञ (Strategic expert) खाली कयास ही लगा सकते है।

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