#FactCheck: जवाहर लाल नेहरू थे मुस्लिम ?

सोशल मीडिया और न्यूज़ रूम्स की डिबेट्स में नेहरू-गांधी परिवार (Nehru-Gandhi family) को लेकर एक विवादस्पद मसला

ट्रैंडी न्यूज रिसर्च टीम (शौर्य यादव): सोशल मीडिया और न्यूज़ रूम्स की डिबेट्स में नेहरू-गांधी परिवार (Nehru-Gandhi family) को लेकर एक विवादस्पद मसला कई बार सामने आया है। जिसमें दावा किया जाता है कि नेहरू-गांधी के वंशज इस्लाम के अनुयायी थे। सोशल मीडिया में इस दावे को प्रामणिकता देने के लिए एम.ओ. मथाई (साल 1946-1959 के दौरान पंड़ित जवाहरलाल नेहरू के विशेष सहायक) की आत्मकथा (Autobiography) का हवाला दिया जाता है। इस दावे का पड़ताल ट्रैंडी न्यूज की रिसर्च टीम ने की और पाया कि…

तथ्य: सोशल मीडिया में घूम रही ये पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद है। एम.ओ.मथाई (MO Mathai) ने ऐसा कोई भी दावा अपनी आत्मकथा में नहीं किया है।

जब ट्रैंडी न्यूज की रिसर्च टीम ने Google पर मथाई की आत्मकथा के बारे में खोजा, तो पाया गया कि उन्होंने दो किताबें लिखी हैं। नेहरू युग की स्मृतियाँ (1978 में प्रकाशित) और नेहरू के साथ मेरे दिन (1979 में प्रकाशित) सोशल मीडिया में जो दावे किये जा रहे है, वो इसी किताब की बुनियाद पर किये गये है। कथित दावों को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है।

1. नेहरू और इस्लामिक वंश:

पोस्ट में दावा किया गया है कि, पंड़ित जवाहरलाल नेहरू के असली माता-पिता मुबारक अली और थुसु रहमान बाई (Mubarak Ali and Thusu Rehman Bai) हैं। जांच-पड़ताल में पाया गया कि, मथाई की दोनों किताबों में इन नामों का कहीं भी जिक्र ही नहीं किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जवाहर लाल नेहरू का जन्म 1889 में हुआ, और उनके माता-पिता का नाम मोतीलाल और स्वरूप रानी थूसू था। जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) ने अपनी आत्मकथा (टॉवर्ड फ़्रीडम) में अपने पिता का नाम पंडित मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूप रानी नेहरू (Motilal Nehru & Swaroop Rani Nehru) बताया है।

एम.ओ. मथाई ने नेहरू के पूर्वजों के बारे में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। जिस तरह से दावा किया जाता है कि, नेहरू के पूर्वज इस्लाम के अनुयायी थे। पोस्ट में ये दावा किया गया है कि, पंडित मोतीलाल नेहरू के पिता का असली नाम गयासुद्दीन था। जो कि उन्होनें बाद में बदलकर गंगाधर नेहरू रख लिया। लेकिन जवाहर लाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में साफ लिखा है कि, उनके पूर्वज राज कौल (Raj Kaul) थे जिन्हें नेहरू नाम नहर से जुड़ा होने के कारण मिला। सबसे पहले ये उपनाम उनके दादा (गंगाधर नेहरू) ने अपने साथ जोड़ा था। जो कि बाद उनके परिवार के परम्परा बन गया। गौरतलब है कि राज कौल किसी भी तरह से मुस्लिम या इस्लाम (Muslim or Islam) से नहीं जुड़े हुए है। जवाहरलाल नेहरू के दादा-दादी भी अपने नामों में ‘पंडित’ और ‘नेहरू’ का इस्तेमाल करते थे। जवाहरलाल नेहरू के दादा का पूरा नाम ‘पंडित गंगा धर नेहरू’ था।

दुष्प्रचार वाली इस  पोस्ट में लिखा है कि, नेहरू का परिवार 1857 के बाद कश्मीर चला गया। एम.ओ. मथाई ने दोनों किताबों में इस मसले पर कुछ नहीं लिखा। लेकिन नेहरू की आत्मकथा में इस बात का जिक्र जरूर आता है कि उनका परिवार कश्मीर (Kashmir) नहीं, बल्कि आगरा चला गया।

2. फिरोज गांधी मुस्लिम थे

1978 में छपी नेहरू युग की स्मृतियाँ किताब के 17 वें अध्याय में मथाई ने इस बात का जिक्र किया है। एम.ओ. मथाई ने फिरोज गांधी (Firoz Gandhi) को पारसी शराब कारोबारी का बेटा (Parsi liquor businessman’s son) और इलाहाबाद का व्यापारी बताया है। उन्होनें अपनी किताब में कहीं भी ये दावा नहीं किया है कि, फिरोज गांधी मुस्लिम थे। साथ ही मथाई ने इंदिरा गांधी के बच्चों का मुस्लिम नामों के बारे में कहीं भी जिक्र नहीं किया है।

3. मोहम्मद अली जिन्ना और शेख अब्दुल्ला मोतीलाल नेहरू के बेटे है।

पोस्ट में दावा किया गया है कि, मोहम्मद अली जिन्ना (Mohammad Ali Jinnah) मोतीलाल नेहरू की चौथी पत्नी और शेख अब्दुल्ला (Sheikh abdulla) उनकी पांचवीं पत्नी की संतानें है। ऐसा कुछ भी दावा एम.ओ. मथाई ने अपनी दोनों किताबों में कहीं भी नहीं किया है। अगर मोतीलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना की जन्म तारीखों का अन्तर देखा जाये, तो ये बात सामने आती है कि 1876 में जब जिन्ना पैदा हुए उस साल मोतीलाल नेहरू की उम्र महज़ 15 साल थी। ऐसे में ये दावा कि जिन्ना मोतीलाल नेहरू की चौथी पत्नी से पैदा हुए थे, ये अपने आप में बेतुका सा लगता है। कई लोग बताते है कि मोहम्मद अली जिन्ना के पिता का नाम जिन्नाभाई पूंजा है, ये बात भी सरासर गलत है। जिन्ना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी (Official information) पाकिस्तान सरकार की वेबसाइट (Government of Pakistan website) पर उपलब्ध है।

कुल मिलाकर सच्चाई ये है, एम.ओ. मथाई ने अपनी दोनों किताबों में गांधी-नेहरू परिवार से जुड़े बयान जरूर दिये है। लेकिन मथाई का नाम लेकर सोशल मीडिया पर जो दावे किये जा रहे है। वो पूरी तरह से बेबुनियाद है। इन बातों का जिक्र मथाई ने कहीं भी नहीं किया है। ये सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह से दुष्प्रचार के लिए तैयार की गयी है।

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