#LockDown: RBI ने रेपो रेट में की सबसे बड़ी कटौती, बैंकों को EMI पर छूट देने की सलाह

संक्रमण के खतरे के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आम जनता को फौरी राहत देने के लिए आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आर्थिक राहतों के बारे में मीडिया को जानकारी दी

नई दिल्ली (एजेंसी): संक्रमण के खतरे के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) की ओर से आम जनता को फौरी राहत देने के लिए आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास (RBI Governor Shashikant Das) प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आर्थिक राहतों के बारे में मीडिया को जानकारी दी। आरबीआई की ओर से रेपो रेट के मौजूदा आधार अंक 75 में कटौती करके इसे 4.4 प्रतिशत कर दिया गया है। रेपो रेट में हुई इस कटौती को अगर ढंग से लागू किया जाए तो इसका सीधा फायदा बैंक ग्राहकों को मिलेगा। पर्सनल लोन (Personal Loan), होम लोन (Home Loan) सहित दूसरे लोन की मासिक किश्तों (EMI) पर ब्याज दर में छूट हासिल हो सकेगी। इसके साथ ही रेपो रेट (Repo Rate) की दरों में भी कमी की गई है। रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) के आधार अंक में, 90 आधार अंकों की कमी की गई है। इस कारण मौजूदा हालातों में इसकी दर 4 फ़ीसदी के आसपास रहेगी। इसके साथ ही अगले 3 महीनों के लिए बैंकों को ग्राहकों से मिलने वाली कर्ज की किश्तों में ढील बरतने का आग्रह किया गया है। इससे उन ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा, जो EMI भरते हैं। आम जनता को आश्वासन देते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि, भारतीय बैंकिंग प्रणाली मौजूदा हालातों में स्थिर और संतुलित है, इसीलिए देश की जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं।

गौरतलब है कि, पिछली दो बार संपन्न हुई मौद्रिक समीक्षा बैठकों में आरबीआई ने रेपो रेट की दरों को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं किया था। आरबीआई के इतिहास में ये अब तक कि रेपो रेट की दरों में सबसे बड़ी कटौती है। आरबीआई की मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक 3 अप्रैल को आयोजित की जानी थी, लेकिन देशभर में संक्रमण के बढ़ते हालातों को देखते हुए 24-26 मार्च के दौरान कर ली गई ताकि जल्दी दरों में कमी का ऐलान किया जा सके। मौद्रिक नीति समिति की बैठक के दौरान 4 सदस्य भारी कटौती के पक्ष में थे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। इससे पहले भी आरबीआई 5 बार दरों में कटौती कर चुका है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More