चीनी चमगादड़ों को मिली Clean Chit

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न्यूज़ डेस्क (समरजीत अधिकारी): दुनियाभर के बढ़ते दबाव के बीच वुहान के वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक वॉन्ग यान्यी (Wong Yanyi, director of the Virology Institute of Wuhan) ने सनसनीखेज दावा करते हुए खुलासा किया कि- वुहान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट में जिन चमगादड़ों (rearmouse) पर शोध कार्य चल रहा है, उन चमगादड़ों से मिलने वाले किसी वायरस में कोरोना वायरस के स्ट्रेन मेल नहीं खाते हैं। इन चमगादड़ों में 3 तरह के वायरस मिले हैं, जिनका मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर (Molecular structure) कोरोना वायरस (Corona virus) से बिल्कुल अलग है। ऐसे में जो वैज्ञानिक ये दावा कर रहे हैं कि Covid-19 चमगादड़ों से इंसानों में फैला है। ये पूरी तरह बेबुनियाद है। निदेशक वॉन्ग यान्यी के मुताबिक- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) दुनिया भर में कोरोनावायरस से मारे गए 3.40 लाख लोगों की मौतों का इल्ज़ाम, हमारे संस्थान पर लगा रहे हैं। ये पूरी तरह से आधारहीन है। हमारे वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि Sars Cov-2 से कोरोना वायरस के जीवित स्ट्रेन का मात्र 79.8 मिलान हो पाया है। जिसका सीधा सा मतलब है कि वुहान लैब में प्रयोग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे चमगादड़ों से कोरोना वैश्विक महामारी नहीं फैली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (Foreign Minister Mike Pompeo) मौजूदा मसले को लेकर चीन पर गैर जिम्मेदाराना बयान (Irresponsible statement) दे रहे हैं।

निदेशक वॉन्ग यान्यी ने सफाई देते हुए आगे कहा- पिछले साल 30 दिसंबर के दौरान हमारे पास कुछ वायरस सैंपल (Virus sample) आए थे। जैवकीय पद्धति (Biological method) से कथित वायरस का जीनोम (Genome) निकाल कर वक्त रहते विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) को इसकी जानकारी दी गई थी। गौरतलब है कि कई मौकों पर डोनाल्ड ट्रंप और माइक पॉम्पियो वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की कथित भूमिका पर निशाना साध चुके हैं। व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग (White House press briefing) के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी दावा किया था कि- सही समय आने पर पुख्ता सबूतों के साथ चीन को बेनकाब किया जाएगा। ये पुख्ता सबूत (Strong evidence) पहले से ही अमेरिका के पास है।

हाल ही में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (Communist party of china) ने वार्षिक संसद सत्र (Annual parliament session) के दौरान बयान जारी कर कहा कि- हम निष्पक्ष जांच (Fair investigation) के लिए तैयार हैं। यहां पर निष्पक्षता से हमारा मतलब जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप (Political interference) से है। चीन सभी राष्ट्रों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करता है। फिलहाल Covid-19 के मुद्दे पर वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक वॉन्ग यान्यी का बयान एकतरफा है। ऐसे में उनके किए दावों में पारदर्शिता का अभाव है। अगर इस तरह की Clean Chit किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच एजेंसी (Independent and impartial investigation agency) ने दी होती तो वैश्विक स्तर पर चीन का पक्ष जरूर मजबूत हुआ होता।

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