Migrants Labour के लिए पटरियों पर दौड़ी उम्मीद

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नई दिल्ली (प्रगति चौरसिया): तकरीबन एक महीने से भी ज़्यादा समय बाद केन्द्र सरकार (Central government) ने प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेन (Shramik Special Train) चलवाई। इसकी मदद से देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूर अपने घर वापस जा पायेगें। पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक (High level meeting) के बाद इस फैसले का खाका खींचा गया। इसके लिए गृह मंत्रालय (Ministry of home affairs) ने विशेष निर्देश जारी करते हुए रेलवे मंत्रालय (Railway ministry) से एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति किया। जिसका काम राज्य और केन्द्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) बनाना होगा। ताकि प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) को लाने और ले जाने में किसी दिक्कत का सामना ना करना पड़े। फिलहाल रेलवे की ओर से छह रूटों पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चली। इनमें शामिल है- नासिक से लखनऊ, कोटा से हटिया, लिन्गमपल्ली से हटिया, नासिक से भोपाल और अलुवा से भुवनेश्वर।

तयशुदा नियमों के मुताबिक राज्य फंसे मजदूरों के नाम सूचीबद्ध कर पंजीकृत करेगें। जिसके बाद ये लिस्ट नियुक्त नोडल अधिकारी के माध्यम से रेलवे को सौंपी जायेगी। सफर करने से पहले सभी मजदूरों की मेडिकल जांच (Medical examination) की जायेगी। इंफेक्शन संदिग्ध मजदूरों (Infection suspect laborers) के सफर करने पर रोक लगाने के लिए स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग (Thermal screening) की जायेगी। रेलवे स्टेशन तक मजदूरों को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों की होगी।

मजदूरों ने किये हिंसक प्रदर्शन

देश के अन्य कई हिस्सों से प्रवासी मजदूरों ने अपने रूट्स पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलवाने के लिए प्रदर्शन किया। बिहार,उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और पश्चिम बंगाल के मजदूरों ने सरकार से तत्काल घर वापसी के लिए सरकार से सुविधा की गुहार लगायी। कई जगह से हिंसा की खब़रे भी सामने आयी। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बल्लापुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) बनाने के काम में लगे मजदूरों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। हरियाणा के सिरसा में फंसे मजदूरों हाथों पोस्टर लिए हुए घर पहुँचाने की गुहार लगायी। स्थानीय प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से हालातों को संभाला। चेन्नई के पल्लवारम के राहत शिविर में रूके कामगारों ने भी स्थानीय प्रशासन से अपना विरोध दर्ज करवाया। गुजरात के अरावल्ली जिले के शामलाजी इलाके में घर जाने की मांग को लेकर मजदूरों पर पुलिस पर पथराव किया। दहोद, बनासकांठा, सूरत में भी ऐसी घटनायें सामने आयी। 

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