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Editorial

भारत ने वक्त के साथ कई प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी एवं महामारी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना किया है। बहरहाल मानव शक्ति, एकता और वैज्ञानिक सामंजस्य द्वारा
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हिन्दुस्तान की नियति में जहरीली जड़ें

मान लीजिये दो शख़्स है। जिनमें से एक को कैदखाने में लंबे समय तक हाथ-पांव बांधकर रखा गया। उसकी ज़िन्दगी का लंबा वक़्त स्याह अंधेरों के बीच बीता। हालातों ने इतना तोड़ा, उसे लगने लगा कि किस्मत को यहीं मंजूर रहा होगा

रूको ठहरो और यू-टर्न मारो

आप क्या करते है जब आपका सिस्टम स्लो होता। फाइलें करप्ट होने लगती है। जाहिर तौर पर आप एंटी वायरस अपडेट करेंगे। जंक फाइलें डिलीट करेंगे

राम मंदिर के बाद भी मोदी सरकार के पास हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों की कमी नहीं

9 नवंबर 2019 को जब सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाया तो ये मान लिया गया कि देश की सर्वोच्च अदालत ने दशकों से चले आ रहे राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर पूर्ण विराम लगा दिया है। लेकिन 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद गिराए जाने की…

क्या आने वाली नस्लें माफ करेंगी आपको ?

पूर्वांचल की लोकसंस्कृति का एक हिस्सा है ज़्यादातर लोग जब प्रातःकाल सोकर उठते है तो सबसे पहले धरती को स्पर्श करके प्रणाम करते है। इसके बाद अपने दिनचर्या की शुरूआत करते है। ऐसा करके वो धरती के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते है। ताकि धरती…

72 साल में चले अढ़ाई कोस ?

प्लासी की लड़ाई साल 1757 से लेकर 1947 तक 200 सालों के काले स्याह वक़्त के बाद गुलामी की बेड़ियां खुली। हिन्दुस्तान आजादी की हवा में खुली सांस ले रहा था। खेतों में हल चलाने वालों को, ईंट के भट्टे में ज़िन्दगी झोंकने वालों को और कोयले की काली…

राम-राम और जय श्री राम के बीच दूरी

राम नाम की यात्रा जनवाद से विषबुझी सियासी जमीं की ओरदेश की मौजूदा नस्लें ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनने जा रही है। हमने देखा किस तरह से ट्रिपल तलाक और धारा-370 जैसी चीज़े इतिहास की किताबों में दफ़्न हो गयी। अगला मील का पत्थर राम मंदिर का फैसला…

क्या महामानव बन पायेगें पीएम मोदी ?

Will PM Modi be able to become a Super man or National Prophet For India?क्या महामानव बन पायेगें पीएम मोदी ?दुनिया में कई सिद्धान्त निर्विवादित रूप से पढ़े-पढ़ायें और स्वीकार्य किये जाते है। कार्ल मार्क्स का पूंजीवाद, सिग्मंड फ्रॉयड के…

Editorial: Modi सरकार कर रही है देश के करोड़ों गरीब परिवारों के साथ धोखा?

न्यूनतम वेतन अधिनियम-1948 में संशोधन किया जा रहा है। सेक्शन 3(1)(9) में बदलाव किया जा रहा है। संशोधन के अनुसार केन्द्र सरकार पाँच वर्ष में

तुलसीकृत रामचरितमानस और रामायण में अर्न्तनिहित जनसंचारीय सिद्धान्तों एवं प्रतिरूपों का प्रार्दुभाव…

भारतीय जनमानस में ऐसी ही कालजयी कृति है, रामचरितमानस। सूक्ष्म दृष्टि से देख जाये तो आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के कई विषय रामचरितमानस में

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