Bengaluru communal riots: साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने के चक्कर में फंसे पूर्व सपा नेता शाहज़ेब रिज़वी

0

न्यूज़ डेस्क (दिगान्त बरूआ): हाल ही में सोशल मीडिया Bengaluru communal riots के वीडियो सामने आये। बैंगलुरू पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि, इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व नेता शाहज़ेब रिज़वी (Former Samajwadi Party (SP) leader Shahzeb Rizvi) ने कर्नाटक कांग्रेस के विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे नितिन पर कथित रूप से 51 लाख रूपये के ईनाम का ऐलान किया था। जांच दौरान पाया गया कि, शाहज़ेब ने वीडियो लखनऊ में शूट करवाया और वहीं से इसे वायरल भी किया गया।

गौरतलब है कि पैंगबर मोहम्मद साहब (Prophet Mohammad Sahab) पर नितिन ने आपत्तिजनक पोस्ट फेसबुक पर डाली थी। जिसके बाद बैंगलुरू में दंगे भड़क गये थे। फिलहाल यूपी पुलिस ने शाहज़ेब रिज़वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उसकी धरपकड़ के लिए जगह-जगह दबिश दी जा रही है। मीडिया से बात करते हुए मेरठ रेंज के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अविनाश पांडे (Meerut Range Superintendent of Police (Rural) Avinash Pandey) ने बताया कि, यहां के एक व्यक्ति (शाहज़ेब रिज़वी) ने बेंगलुरु हिंसा के सिलसिले में 51 लाख रुपये के ईनाम का ऐलान किया। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। दर्ज की गयी प्राथमिकी में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के तहत अभियुक्त पर आईपीसी की धारा 153-ए और 505(2) लगायी गयी है। जरूरत पड़ी तो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (National security act) के तहत जांच आगे बढ़ायी जायेगी।

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि, शाहज़ेब रिज़वी ईनाम की घोषणा करके कहीं सूबे की शांति-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा तो नहीं खड़ा कर रहा था? नितिन पर ईनाम का ऐलान करके वो क्या साबित करना चाहता है? फिलहाल शाहज़ेब यूपी पुलिस के पहुंच से बाहर फरार चल रहा है। अब उत्तर प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों में भी तलाशी के लिए दबिश देने की तैयारी करने जा रही है। शाहज़ेब रिज़वी के कथित वीडियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत (formal complaint) 13 अगस्त को दर्ज की गयी थी।  

गौरतलब है कि, बेंगलुरु पुलिस ने साम्प्रदायिक हिंसा मामले की जांच के दौरान आगजनी, पथराव और हमले के आरोपी 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 206 लोगों के तार इस हिंसा से जुड़े होने की बातें भी सामने आ रही है।  

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More