#CoronaLockdown पर शुरू हुई राजनीति, AAP ने किया BJP पर वार

दिल्ली के सभी बॉर्डर प्रवासी मजदूरों से पटे हुए है। वहाँ पहुँचे लगभग सभी प्रवासियों को अपने गांव-घर पहुँचने की बैचेनी है। भारी भीड़ जुटने की वज़ह से कोरोना का खतरा तो है ही, साथ ही कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए ये

नई दिल्ली (क्षे.सं.): दिल्ली के सभी बॉर्डर प्रवासी मजदूरों से पटे हुए है। वहाँ पहुँचे लगभग सभी प्रवासियों को अपने गांव-घर पहुँचने की बैचेनी है। भारी भीड़ जुटने की वज़ह से कोरोना का खतरा तो है ही, साथ ही कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए ये कड़ी चुनौती भी है। प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए गृहमंत्रालय की ओर से उनके रहने-खाने को लेकर एडवायजरी जारी की गयी थी। साथ ही दिल्ली सरकार भी ये दावा कर रही है कि, उनकी ओर से चार लाख मजदूरों के लिए भोजन व्यवस्था और रूकने का प्रबन्ध किया गया है। ऐसे में मजदूरों का एकाएक पलायन करना खतरे की घंटी है। इससे संक्रमण का खतरा बेतहाशा बढ़ता दिख रहा है। कोरोना का प्रकोप उन इलाकों में भी पनपेगा, जो अभी तक संक्रमण से अछूते थे।

इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा है। आप के मुताबिक ये माहौल उत्तर प्रदेश सरकार की देन है। इस मामले को लेकर आप की ओर से लगातार कई ट्विट कर बताया गया कि, आखिर माहौल क्यूं पनपा।

अपने पहले ट्विट में आप पार्टी लिखती है कि-आनंद विहार पर हज़ारों लोगों की भीड़ क्यूं इकट्ठा हुई है। आइये हम आपको तफ़्सील से समझाते है।

अपने दूसरे ट्विट में आप पार्टी ने लिखा कि- बीते 26 मार्च को यूपी सरकार की ओर से फऱमान जारी किये गये। जिसके मुताबिक प्रवासी मजदूरों के लिए खास़ इंतज़मात करने की बात कहीं गयी थी। जिसके मुताबिक UPSRTC के बसें मजदूरों को उनके गांवों तक छोड़ने के लिए तैनात की जायेगीं।

गौरतलब है कि यूपी सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गयी थी। जिसमें इस बात का जिक्र है। साथ ही इस आदेश में श्रमिकों के भोजन-पानी की व्यवस्था करने के साथ-साथ, उत्तर प्रदेश के रास्ते से होकर बिहार जाने वाले मजदूरों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुँचाने की बात कही गयी थी। उत्तर प्रदेश में फंसे उत्तराखंड को लोगों की देखभाल का भी जिक्र भी इस आदेश में है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गुजरात और हरियाणा में फंसे प्रवासियों को पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए वहाँ की सरकार से मिल रहे सहयोग के बारे में भी बताया गया है। साथ ही वाराणसी में फंसे अलग-अलग राज्यों के तीर्थ यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान इस आदेश की तहत सुनिश्चित किये गये है।

अपने तीसरे ट्विट में आप पार्टी गाज़ियाबाद के जिलाधिकारी के ट्विट का हवाला देते हुए लिखती है कि-डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट की ओर से घोषणा हुई कि-यूपी रोडवेज़ की बसों से प्रवासियों को सूबे के अलग-अलग हिस्सों में उनके गंतव्यों तक ले जाया जा रहा है। इस बात को पुख़्ता करने के लिए आम आदमी पार्टी ने 27 मार्च 2020 को गाज़ियाबाद के डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट के ट्विट का हवाला दिया। जिसमें जिलाधिकारी ने लिखा था कि, UPSRTC की बसें लालकुंआ से अपनी मंजिलों की ओर रवाना होने के लिए तैयार है। खानपान सहित सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिये गये है।

अपने आखिरी ट्विट में आम आदमी पार्टी ने लिखा कि- 28 मार्च 2020 तड़के सुबह यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्विट कर लिखा कि, सरकार की ओर से लोगों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिए 1000 से ज़्यादा बसों की व्यवस्था कर ली गयी है। लोग खड़े-खड़े उन बसों का इंतज़ार करते रहे। जो अब तक आनंद विहार पहुँची ही नहीं। यहीं वज़ह है कि भारी भीड़ आनंद विहार पर जमा हो गयी।

आम आदमी पार्टी ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए योगी आदित्यनाथ के उस ट्विट का स्क्रीन शॉट भी साझा किया, जिसमें यूपी सीएम ने ये बात कहीं थी।

हालात बहुत नाज़ुक दौर से गुजर रहे है। कोरोना के संक्रमण के बीच इतनी बड़ी भारी भीड़ का जुटना खतरे की घंटी है। ये स्थिति Infection Multiplier/Mobilizer का काम करेगी। राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप आगे चलते रहेगें। फिलहाल संक्रमण के खतरे बीच लोगों को उनके घरों तक पहुँचाना और ये सुनिश्चित करना कि इस भारी-भरकम पलायन से संक्रमण ना फैले, ये योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।

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